करोड़ों की योजना में भ्रष्टाचार का खेल जांच की मांग!
उमरिया (मध्य प्रदेश) संदीप तिवारी/
नगर परिषद नौरोजाबाद में संचालित मुख्यमंत्री नल-जल योजना में भारी अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही हैं कि योजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने, सड़क खुदाई, निर्माण कार्य एवं सामग्री के उपयोग में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे शासन की करोड़ों रुपये की योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सीएमओ, इंजीनियर और ठेकेदार पर मिलीभगत के आरोप
नगरवासियों का आरोप है कि नगर परिषद नौरोजाबाद के जिम्मेदार अधिकारी, सीएमओ, इंजीनियर एवं ठेकेदार के बीच मिलीभगत के चलते कार्य मनमाने तरीके से किया जा रहा है। बिना तकनीकी मानकों और नियमों का पालन किए पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे भविष्य में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की संभावना बनी हुई है।
नई और पुरानी सड़कों को खोदकर डाली जा रही पाइपलाइन, योजना पर खतरा
डिंडोरी रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर पाइपलाइन डालने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, डिंडोरी रोड का निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है, लेकिन उससे पहले ही जुहिला नदी से लाई गई मुख्य सप्लाई पाइपलाइन बिछा दी गई है। ऐसे में जब सड़क का निर्माण होगा, तो पाइपलाइन को निकालना पड़ेगा या उसके क्षतिग्रस्त होने की पूरी संभावना बनी हुई है। इससे स्पष्ट है कि कार्य बिना उचित योजना और तकनीकी मानकों के किया जा रहा है, जिससे शासन की योजना को नुकसान पहुंच सकता है।
शासन के पैसे खुलेआम दरुपयोग जिम्मेदार मौन
नगर के अंदर भी कई स्थानों पर नई और पुरानी सड़कों को खोदकर पाइपलाइन डाली गई है और लगातार डाली जा रही है, जिससे सड़कों की स्थिति खराब हो रही है। नगर परिषद नौरोजाबाद जाने वाले मुख्य मार्ग को भी बीच सड़क से खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई है, जो नियमों के विपरीत प्रतीत होता है। इस प्रकार के कार्यों से आम जनता को भारी परेशानी हो रही है और शासन के धन का भी दुरुपयोग हो रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा — ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारी?
जबकि नियमानुसार पहले पाइपलाइन बिछाकर उसके बाद सड़क निर्माण होना चाहिए। इसके उलट कार्य किए जाने से सड़कों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
बिना NOC के सड़क खुदाई, नियमों की खुली अनदेखी
स्थानीय निवासी देवेंद्र प्यासी का कहना है कि राज्य मार्ग (हिंडोरी रोड) पर बिना सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिए ही सड़क को जगह-जगह तोड़कर पाइपलाइन डाली जा रही है, जो नियमों के विपरीत है। इस संबंध में उनके द्वारा लिखित शिकायत भी की गई है, लेकिन अब तक न जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं इसी तरह SECL जुहिला क्षेत्र नौरोजाबाद से भी बिना कोई NOC लिए नगर परिषद नौरोजाबाद दौरा निर्माण कार्य और नल जल योजना का कम चल रहा है।
शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार मौन
इस पूरे मामले को लेकर संबंधित विभाग और अधिकारियों को अलग-अलग शिकायत आवेदन भी सौंपे गए हैं। पहला आवेदन नगर परिषद नौरोजाबाद के मुख्य नगर परिषद अधिकारी को दिया गया, जिसमें वर्ष 2016 से अधूरी पड़ी नल-जल योजना, गुणवत्ताहीन कार्य, बार-बार सड़कों की खुदाई, पाइपलाइन की खराब गुणवत्ता एवं आम नागरिकों को हो रही परेशानियों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। दूसरा आवेदन एम.पी.आर.डी.सी. (MPRDC) को दिया गया, जिसमें डिंडोरी राज्य मार्ग (हिंडोरी हाईवे) को बिना अनुमति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र के क्षतिग्रस्त कर पाइपलाइन बिछाने की शिकायत की गई है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि सड़क को जगह-जगह तोड़कर अव्यवस्थित तरीके से पाइपलाइन डाली जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
पाइप उखाड़कर ले गए कर्मचारी, पानी को तरसे लोग
नगर के कृष्णा कॉलोनी एवं वार्ड क्रमांक 03 में बिछाई गई पाइपलाइन को ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा उखाड़कर ले जाने के आरोप भी सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही गड्ढा खोदकर पाइपलाइन कनेक्शन दिया गया था, लेकिन बाद में कर्मचारी आकर उसी पाइप को उखाड़कर ले गए।लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही ठेकेदार को खुली छूट दे रहे हैं, तो आम जनता की परेशानी स्वाभाविक है। सवाल यह भी उठता है कि जिन घरों में कनेक्शन दिया गया था, उन्हें किस आदेश और नियम के तहत हटाया गया? भीषण गर्मी में लोगों को पानी से वंचित करना बेहद गंभीर मामला है नल तो लगा हुआ है लेकिन जल के लिए तरस रहे नगरवासी जल्दी पाइप लाइन जोड़ने की मांग कर रहे है और जिम्मेदार ठेकदार और उसके कर्मचारी के ऊपर कार्यवाही की वार्ड वासी मांग कर रहा है
सीएम हेल्पलाइन 181 में भी शिकायत दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों ने मध्य प्रदेश सरकार की सीएम हेल्पलाइन 181 में भी शिकायत दर्ज कराई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इन बिंदुओं पर जांच की मांग
नगरवासियों ने मांग की है कि पाइपलाइन में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता जांची जाए, किस वार्ड में कितने कनेक्शन दिए गए, इसका सत्यापन किया जाए, उपयोग की गई सामग्री और खर्च की जांच हो, सड़क खुदाई एवं निर्माण कार्य की तकनीकी जांच हो, ठेकेदार के बिल भुगतान एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जाए।
जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग
नगरवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर अधिकारी, इंजीनियर एवं ठेकेदार के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में भी शिकायतें की गईं और पानी टंकी में लीकेज जैसी समस्याएं सामने आईं, लेकिन उसके बाद भी न ठेकेदार पर कोई कार्रवाई हुई और न ही उसे ब्लैकलिस्ट किया गया। इससे साफ प्रतीत होता है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीर नहीं हैं। वही लोगों ने जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश शासन द्वारा एक उच्चस्तरीय टीम गठित कर पूरे कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, जिसमें टेंडर प्रक्रिया, बिल भुगतान, पाइपलाइन बिछाने का कार्य, उपयोग की गई सामग्री एवं गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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