वार्ड नंबर 03 की शिकायत, आंगनबाड़ी की जांच और कार्रवाई की मांग
संदीप तिवारी/ म.प्र.- नौरोजाबाद (उमरिया): नगर परिषद नौरोजाबाद के अंतर्गत आने वाले सभी 15 वार्डों की आंगनबाड़ियों में इन दिनों 'पोषण आहार' वितरण के नाम पर भारी अनियमितता का काला खेल उजागर हुआ है। शासन की महत्वपूर्ण 'टेक-होम राशन' (THR) योजना यहाँ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का आरोप है कि पिछले 4 से 5 महीनों से नौनिहालों को मिलने वाला पोषक आहार (दलिया/लड्डू प्री-मिक्स) उनके घरों तक नहीं पहुँचा है।
सिफ हस्ताक्षर का मायाजाल: कागजों में सब चंगा, हकीकत में थाली खाली
चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि कुछ केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं से रजिस्टर पर हस्ताक्षर तो करा लेते हैं, लेकिन वास्तव में राशन का वितरण नहीं किया जाता। वार्ड क्रमांक 03 'गदहा दफाई' से शुरू हुई यह शिकायत अब पूरे नगर की एक गंभीर समस्या बन गई है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो हितग्राहियों के हिस्से का राशन खुले बाजार में खपाया जा रहा है, जो कि एक गंभीर जांच का विषय है।
वार्ड नंबर 03 की शिकायत, आंगनबाड़ी की जांच की मांग
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत, जांच की उठी मांग इस गंभीर मामले को लेकर वार्ड नंबर 03 के जागरूक नागरिकों ने 'सीएम हेल्पलाइन 181' पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों का हक उन्हें मिल सके।
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, कुपोषण को दावत
2 से 3 वर्ष के मासूम बच्चे, जो शारीरिक विकास के लिए शासन के इस पोषण आहार पर निर्भर हैं, वे महीनों से इससे वंचित हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकार एक तरफ कुपोषण मिटाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर नौरोजाबाद के केंद्रों में तैनात अमला और उच्चाधिकारी इस बंदरबांट पर मौन साधे हुए हैं।
जांच की उठती मांग: कलेक्टर से हस्तक्षेप की अपील
नगरवासियों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग, उमरिया से मांग की है कि सभी 15 वार्डों के केंद्रों की आकस्मिक और निष्पक्ष जांच की जाए। पिछले 4-5 महीनों के स्टॉक और वितरण रजिस्टर का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर दोषी कार्यकर्ताओं और लापरवाह सुपरवाइजरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राशन वितरण सुचारू नहीं हुआ और दोषियों पर गाज नहीं गिरी, तो वे जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन को विवश होंगे।
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