उमरिया जिले के नौरोजाबाद में गुटखा-सिगरेट की कालाबाजारी पर प्रशासन मौन क्यों?
प्रिंट रेट से अधिक वसूली जारी, जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता पर उठे सवाल
संदीप तिवारी उमरिया/ नौरोजाबाद (जिला उमरिया) नगर सहित आसपास के कोयलांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गुटखा और सिगरेट की मनमानी दरों पर बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत वसूल कर खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है, जबकि पैकेटों पर अंकित प्रिंट रेट पूर्ववत है। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रसिद्ध ब्रांड छोटी और बड़ी गोल्ड फ्लेक, क्लासिक,मार्लबोरो, ब्रिस्टल, Rajshree (राजश्री गुटखा/पान मसाला और सभी सिगरेट और गुटखा ) के 10 रुपये अंकित पैकेट 15 रुपये में, 20 रुपये वाले 25 से 30 रुपये में तथा 40 रुपये वाले 50 रुपये तक बेचे जा रहे हैं। इसी प्रकार सिगरेट के पुराने प्रिंट रेट वाले पैकेट भी अधिक कीमत पर बेचे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि कर (जीएसटी) में वृद्धि हुई है तो संशोधित मूल्य के साथ नया प्रिंट अनिवार्य होना चाहिए। पुराने अंकित मूल्य से अधिक वसूली करना विधिक माप विज्ञान नियमों का उल्लंघन है।कुछ खुदरा दुकानदारों ने बताया कि उन्हें थोक एजेंसी से ही अधिक दर पर माल दिया जा रहा है। यदि वे प्रिंट रेट पर बिक्री करें तो आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी जाती है। इस स्थिति में खुदरा विक्रेता भी दबाव में हैं और उपभोक्ता सीधे प्रभावित हो रहे हैं। गुटखा एवं सिगरेट जैसे पैकेज्ड तंबाकू उत्पादों पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली रोकना निम्न विभागों की जिम्मेदारी में आता है
1. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग — जमाखोरी और कालाबाजारी की निगरानी।
2. विधिक माप विज्ञान (Legal Metrology) विभाग — MRP से अधिक वसूली पर दंडात्मक कार्रवाई।
3. वाणिज्यिक कर/जीएसटी विभाग — कर संरचना और मूल्य संशोधन की वैधता की जांच।
4. जिला प्रशासन (कलेक्टर कार्यालय) — संयुक्त जांच दल गठित कर नियंत्रण एवं निगरानी।
5. पुलिस विभाग— आवश्यक होने पर कालाबाजारी एवं अवैध वसूली की धाराओं में प्रकरण दर्ज करना।
जिम्मेदारी तय क्यों नहीं?
नगरवासियों का प्रश्न है कि जब खुलेआम प्रिंट रेट से अधिक वसूली हो रही है, तो संबंधित विभाग निरीक्षण अभियान क्यों नहीं चला रहे? यदि शिकायतें मिल रही हैं, तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही?
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि—
* तत्काल संयुक्त जांच अभियान चलाया जाए।
* थोक एजेंसियों और बड़े व्यापारियों के स्टॉक रजिस्टर की जांच की जाए।
* दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन एवं जुर्माने की कार्रवाई की जाए।
* कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
नौरोजाबाद में गुटखा-सिगरेट की अधिक दरों पर बिक्री से उपभोक्ताओं में रोष है। अब आवश्यक है कि संबंधित विभाग अपनी वैधानिक जिम्मेदारी निभाते हुए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करें, अन्यथा यह अवैध वसूली आम जनता पर आर्थिक बोझ बनती रहेगी।
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